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Sunday, July 11, 2021

Rajasthan Biological Diversity Rules, 2010/ राजस्थान जैविक विविधता नियम, 2010

 जैविक विविधता अधिनियम, 2002 (2003 का 18) संसद के अनुमोदन और 5 फरवरी, 2003 को राष्ट्रपति की सहमति के बाद भारत सरकार के कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा अधिनियमित किया गया था।

यह अधिनियम संसाधनों और इसकी विविधता, इसके घटकों का सतत उपयोग और उचित और समान साझेदारी और जैविक संसाधनों के उपयोग से होने वाले लाभों, ज्ञान और उससे जुड़े या उसके आनुषंगिक मामलों के लिए संरक्षण प्रदान करता है
राजस्थान सरकार ने जैव विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 63 की उप-धारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनांक 02 मार्च, 2010 की अधिसूचना के तहत 'राजस्थान जैविक विविधता नियम, 2010' तैयार किया। राजस्थान के गजट में उनका प्रकाशन 30 अप्रैल 2010 को किया गया था।
इस अधिनियम की धारा 22 के प्रावधान के अनुसार, राज्य सरकारें इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए राज्य जैव विविधता बोर्ड की स्थापना करेंगी।
तद्नुसार राजस्थान सरकार ने राजस्थान राज्य जैव विविधता बोर्ड की स्थापना शासनादेश क्रमांक : एफ.4 (8) वन/2005/भाग 1 जयपुर दिनांक 14 सितम्बर, 2010 के तहत की है।
ये नियम राजस्थान के गजट में उनके प्रकाशन की तारीख़ से लागू है।




इन नियमों के अंतर्गत निम्नलिखित को सम्मिलित किया गया है-

3- अध्यक्ष के चयन और नियुक्ति की रीति - राजस्थान राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष या तो सरकारी सेवा से प्रतिनियुक्ति पर या राज्य के बाहर से राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किए जाएंगे।
अध्यक्ष के पास यह विविधता से संबंधित विषयों का ज्ञन और
अध्यक्ष के पास जैव विविधता से संबंधित विषयों का ज्ञान और कम से कम 30 वर्षों का अनुभव होना चाहिए।
4- अध्यक्ष की पद अवधि- बोर्ड का अध्यक्ष तीन वर्ष की अवधि के लिए पद ग्रहण करेगा व पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र होगा।
अध्यक्ष के पद के लिए अधिकतम आयु 65 वर्ष रखी गई है।
अध्यक्ष राज्य सरकार को लिखित में कम से कम एक मास का नोटिस देकर त्यागपत्र दे सकेगा
5- अध्यक्ष के वेत्तन भत्ते - अध्यक्ष को ऐसे वेतन, भत्ते, छुट्टी एवं अन्य लाभ दिए जाएँगे जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किए गए हो। इन्हें कोई पेन्शन नहीं दी जाएगी।
6- ग़ैर सरकारी सदस्य - पाँच ग़ैर सरकारी सदस्य राज्य सरकार द्वारा नाम निर्देशित किए जाएंगे।
इनकी नियुक्ति तीन वर्षों के लिए की जाएगी ।
9- पदेन सदस्य - चार पदेन सदस्य राज्य सरकार के निम्नलिखित विभागों से सम्बंधित होंगे -
निदेशक कृषि जयपुर
प्रधान मुख्य वन संरक्षक राजस्थान जयपुर
आयुक्त, जनजाति क्षेत्र विकास उदयपुर
निदेशक आयुर्वेद अजमेर
10- बोर्ड का मुख्य कार्यालय - यह कार्यालय जयपुर में होगा
11- बोर्ड का सदस्य सचिव - भारत वन सेवा का मुख्य वन संरक्षक की रैंक का कोई अधिकारी
12- बोर्ड की बैठक - बोर्ड सामान्यतः तीन मास पश्चात वर्ष में कम से कम चार बैठक आयोजित करेगा
प्रत्येक सदस्य का एक मत होगा
गणपूर्ति के लिए कम से कम पाँच सदस्य आवश्यक होंगे
अध्यक्ष के पास निर्णायक मत होगा।

15- बोर्ड के कार्य -
जैव विविधता अधिनियम की धारा 23 के अधीन उपबंधित क्रियाकलापों को शासित करने के लिए प्रक्रिया व सिद्धांत बनाना।
जैव विविधता के संरक्षण, इसके अवयवो के सतत् उपयोग और जैव संसाधनों और ज्ञान के उपयोग से होने वाले फायदों के उचित बँटवारे के लिए राज्य सरकार को सलाह देना।
राज्य सरकार के विभागों को तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध करना।
किसी भारतीय द्वारा वाणिज्यिक उपयोग या जैव सर्वेक्षण और किसी जैव संसाधन के जैव उपयोग के लिए अनुमोदनों या अन्यथा अनुरोधों को मंज़ूर करके विनियमित करना।
राज्य जैव विविधता युक्ति और कार्य योजना को अदिनांकित करने और उसके क्रियान्वयन को सुकर बनाना
सम्बंधित तकनीकी और सांख्यिकी डेटा, निर्देशिका या मर्गदर्शक सिद्धांतो को संकलित एवं प्रकाशित करना।
जैव विविधता के संरक्षण एवं उपयोग के सम्बंध में जनता के लिए कार्यक्रम आयोजित करना
कार्मिको के प्रशिक्षण की योजना बनाना एवं आयोजित करना।
जैव विविधता प्रबंध समितियों के क्रियाकलापों को समन्वित करना।
राज्य सरकार को अपने कार्यों की रिपोर्ट देना।
समय पर जैव संसाधनो की फ़ीस की सिफ़ारिश एवं संग्रहण
बोर्ड का वार्षिक बजट तैयार करना।
महत्वपूर्ण स्थानीय जैव संसाधनो का पेटेंट करना।


22- जैव विविधता हेरिटेज स्थल की अधिसूचना एवं प्रबंध - बोर्ड स्थानीय निकायो एवं अन्य सम्बंधित के परामर्श से महतवपूर्ण जैव विविधता मूल्यों के क्षेत्रों को हैरीटेज स्थलों के रूप में अधिसूचित करने के लिए कदम उठाएगा।

23- जैव विविधता प्रबंध समितियों का गठन -
प्रत्येक स्थानीय निकाय अपनी अधिकारिता के क्षेत्र के भीतर एक जैव विविधता प्रबंध समिति का गठन करेगा।
इसके अध्यक्ष को समिति के सदस्यो में से चुना जाएगा जिसका कार्यकाल तीन वर्ष होगा।
स्थानीय निकाय वन, कृषि, पशुधन, स्वास्थ्य, मत्स्य एवं शिक्षा विभाग के छः लोगों को नाम निर्देशित करेगा।
विधानसभा के स्थानीय सदस्य तथा संसद सदस्य इसकी बैठकों में आमंत्रित होगे।
इस समिति का मूल कार्य जैव विविधता के संरक्षण, उसके सतत उपयोग और इसके फ़ायदों का साम्यपूर्ण बँटवारा सुनिश्चित करना होगा।

24- स्थानीय जैव विविधता निधि - स्थानीय निकाय के स्तर पर जैव विविधता निधि का गठन किया जाएगा।
बोर्ड राज्य सरकार, केंद्र सरकार से या अधिनियम के प्रयोजन के लिए बनाए गए प्राधिकरण से प्राप्त कोई भी उधार या अनुदान स्थानीय निकाय को उपलब्ध करवाएगी।
इस निधि का उपयोग स्थानीय निकाय की अधिकारिता में आने वाले क्षेत्रों में जैव विविधता के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए किया जाएगा।



The BioDiversity Act, 2002 (18 of 2003) was enacted by the Ministry of Law and Justice, Government of India after the approval of the Parliament and the assent of the President on 5 February 2003.

The Act provides protection for the resources and its diversity, the sustainable use of its components and fair and equitable sharing and for the benefits, knowledge and matters connected therewith or incidental thereto.
In exercise of the powers conferred under sub-section (1) of section 63 of the Biodiversity Act, 2002, the Government of Rajasthan, vide notification dated 02nd March, 2010, framed the 'Rajasthan Biological Diversity Rules, 2010'. They were published in the Rajasthan Gazette on 30 April 2010.
In accordance with the provision of section 22 of this Act, the State Governments shall establish a State Biodiversity Board for the purpose of this Act.
Accordingly, the Government of Rajasthan has established the Rajasthan State Biodiversity Board under the mandate number: F.4 (8) Forest/2005/Part 1 Jaipur dated 14 September 2010.
These rules are applicable from the date of their publication in the Rajasthan Gazette.

Under these rules the following are included-

3- Mode of selection and appointment of the Chairman - The Chairman of the Rajasthan State Biodiversity Board shall be appointed either on deputation from Government service or by the State Government from outside the State.
The Speaker has the knowledge of matters relating to diversity and
The Chairperson should have knowledge of Biodiversity related subjects and experience of at least 30 years.
4- Term of office of the Chairman- The Chairman of the Board shall hold office for a term of three years and shall be eligible for reappointment.
The maximum age for the post of Chairman has been kept at 65 years.
The Speaker may resign by giving at least one month's notice in writing to the State Government.
5- Salary Allowances of the Speaker - The Chairman shall be given such salary, allowances, leave and other benefits as may be determined by the State Government. No pension will be given to them.
6- Non-official members - Five non-official members to be nominated by the State Government.
They will be appointed for three years.
9- Ex-officio members - Four ex-officio members will be related to the following departments of the State Government -
Director Agriculture Jaipur
Principal Chief Conservator of Forests Rajasthan Jaipur
Commissioner, Tribal Area Development Udaipur
Director Ayurveda Ajmer
10- Head Office of the Board - This office will be in Jaipur
11- Member Secretary of the Board - An officer of the rank of Chief Conservator of Forests of the India Forest Service
12- Board Meeting - The Board shall normally hold at least four meetings in a year after three months.
each member shall have one vote
At least five members will be required for the quorum.
The Chairman shall have the casting vote.

15- Functions of the Board -
To lay down procedure and principles for governing the activities provided under section 23 of the Biodiversity Act.
To advise the State Government for conservation of biodiversity, sustainable use of its components and fair sharing of benefits arising out of use of biological resources and knowledge.
To provide technical assistance and guidance to the State Government Departments.
Regulating, by granting approvals or otherwise, requests for commercial use or biological survey and biological use of any biological resource by an Indian.
Updating and facilitating the implementation of the State Biodiversity Strategy and Action Plan
To compile and publish relevant technical and statistical data, guides or guidelines.
Organizing programs for the public regarding the conservation and use of biodiversity
Planning and organizing personnel training.
To coordinate the activities of Biodiversity Management Committees.
Reporting its work to the State Government.
Timely recommendation and collection of fees for bio-resources
Preparation of annual budget of the Board.
Patenting important local biological resources.

22- Notification and Management of Biodiversity Heritage Site - The Board will take steps to notify the areas of important biodiversity value as heritage sites in consultation with the local bodies and other concerned.

23- Constitution of Biodiversity Management Committees -
Each local body shall constitute a Biodiversity Management Committee within its area of ​​jurisdiction.
Its chairman will be elected from amongst the members of the committee, whose term will be three years.
The local body will nominate six people from the Forest, Agriculture, Livestock, Health, Fisheries and Education departments.
Local members of the Legislative Assembly and Members of Parliament will be invited to its meetings.
The basic function of this committee will be to ensure the conservation of biodiversity, its sustainable use and equitable sharing of its benefits.

24- Local Biodiversity Fund - Biodiversity Fund will be constituted at the level of the local body.
The Board shall make available to the local body any loan or grant received from the State Government, the Central Government or from an authority created for the purpose of the Act.
This fund will be used for the protection and promotion of biodiversity in the areas under the jurisdiction of the local body.







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RAS Mains Paper 1

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