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Tuesday, May 25, 2021

गांधार मूर्तिकला रोम निवासियों की उतनी ही ऋणी थी, जितनी कि वह यूनानियों की थी। स्पष्ट कीजिए। The Gandhara sculpture owed as much to the roman As to the Greek. Explain

  • IAS Mains GS Paper 1 2014

  • Question-02 

  • गांधार मूर्तिकला रोम निवासियों की उतनी ही ऋणी थी, जितनी कि वह यूनानियों की थी। स्पष्ट कीजिए। 
  • The Gandhara sculpture owed as much to the roman As to the Greek. Explain



  • Answer

  •  ग्रीक तथा रोमन संस्कृतियों के बीच एक बड़ा अंतर कला के प्रति उनका दृष्टिकोण है।  ग्रीक अधिक दार्शनिक और आदर्शवादी थे, जबकि रोमन अधिक यथार्थवादी थे और किसी तरह मूर्तिकला के प्रति उनके दृष्टिकोण में असाधारण थे।  यूनानियों ने अपनी कला में महान बौद्धिकता दिखाई।
  • यद्यपि रोमनों ने मानव शरीर रचना के विवरण के संबंध में ग्रीक कलात्मकता के हर पहलू की नकल की, वे यथार्थवाद की ओर झुक गए।
  • रोम में कलात्मकता आमतौर पर रोमन सम्राटों की महिमा के लिए थी।  इसलिए, रोमन कलाकारों ने मानव रूपों का सही प्रतिनिधित्व करने का प्रयास नहीं किया।
  • यूनानियों ने मुख्य रूप से मूर्तियों के निर्माण में कांस्य का इस्तेमाल किया।  दूसरी ओर, रोमन मुख्य रूप से कांस्य के उपयोग में यूनानियों से प्रभावित थे, लेकिन कांस्य के अलावा उन्होंने मूर्तियों के निर्माण में भी संगमरमर और पोर्फिरी का इस्तेमाल किया।

  • गांधार कला-

  • ग्रीको-बौद्ध कला के शुरुआत में अत्यंत सूक्ष्म और यथार्थवादी प्रतिमाओं का निर्माण किया गया, जैसा कि बुद्ध की खड़ी मूर्तियों पर स्पष्ट है,
  • आगे चलकर इस कला ने परिष्कृत यथार्थवाद को खो दिया व उत्तरोत्तर अधिक प्रतीकात्मक और सजावटी बन गया।
  • बोधिसत्व को अर्धनग्न और गहनों वाले भारतीय राजकुमारों के रूप में चित्रित किया गया है, और बुद्ध को ग्रीक राजाओं के रूप में हल्का चोगा-जैसे हीम पहने हुए दिखाया गया है।
  • इस शैली के शिल्पियों द्वारा वास्तविकता पर कम ध्यान देते हुए बाह्य सौन्दर्य को मूर्तरूप देने का प्रयास किया गया। इसकी मूर्तियों में भगवान बुद्ध यूनानी देवता अपोलो के समान प्रतीत होते हैं।
  • सजावट के लिए ग्रीक कला की तरह ही प्लास्टर का प्रयोग भी किया गया है।
  • इसमें सिर के बाल पीछे की ओर मोड़ कर एक जूड़ा बना दिया गया है जिससे मूर्तियाँ भव्य एवं सजीव लगती है।
  • मानव रूप में बुद्ध की प्रस्तुति रोमन परंपरा से प्रेरित है।
  • शायद सबसे अधिक दिखाई देने वाला रोमन प्रभाव बुद्ध का वस्त्र होगा, विशेष रूप से अंतवस्त्र जो रोमन पोशाक के समान है।
  • इनके निर्माण में सफेद और काले रंग के पत्थर का व्यवहार किया गया। 
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