स्व एवं व्यक्तित्व की अवधारणा भाग पन्द्रह/self concept and personality part 15/ RAS MAINS PAPER 3 - RAS Junction <meta content='ilazzfxt8goq8uc02gir0if1mr6nv6' name='facebook-domain-verification'/>

RAS Junction

We Believe in Excellence

Wednesday, October 31, 2018

स्व एवं व्यक्तित्व की अवधारणा भाग पन्द्रह/self concept and personality part 15/ RAS MAINS PAPER 3

स्व एवं व्यक्तित्व की अवधारणा भाग पन्द्रह/self concept and personality part 15/ RAS MAINS PAPER 3

व्यक्तित्व का व्यवहारपरक विश्लेषण (Behavioral analysis of personality)-


नाम निर्देशन -

समकक्षी मूल्यांकन हेतु इस तकनीक का प्रयोग किया जाता है।
लम्बे समय से एक दूसरे को अच्छी तरह से जानने वाले लोगों पर इसका प्रयोग किया जाता है।
इसके अन्तर्गत प्रयोज्य को समूह में से एक या अधिक लोगों का चयन करने के लिए कहा जाता है। यह ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जिसके साथ प्रयोज्य रहना पसंद करेगा।
कई बार प्रयोज्य से अपने चयन का कारण भी पूछा जाता है।
इस प्रकार व्यक्ति द्वारा चुने गए लोगों के विश्लेषण द्वारा उस प्रयोज्य के व्यवहार सम्बन्धी गुणों का अध्ययन किया जाता है।
इस तरीके को व्यक्तित्व निर्धारण के एक विश्वसनीय तरीके के रूप में माना जाता है।

स्थितिपरक परीक्षण -

इस प्रकार के परीक्षण का सर्वोतम उदाहरण स्थितिपरक दबाव परीक्षण है। 
इसके अन्तर्गत व्यक्ति को एक विशिष्ट दबावपूर्ण माहौल में रखा जाता है।
उसे कोई कार्य करने को दिया जाता है जिसमें उसका सहयोग करने के लिए ऐसे लोग निर्धारित किए जाते है जो उसके कार्य में हस्तक्षेप करने अथवा बाधा डालने के लिए पहले से निर्देशित होते है।
ऐसी परिस्थिति में व्यक्ति द्वारा किए गए व्यवहार का अध्ययन करके व्यक्तित्व का विश्लेषण किया जाता है।
दी गई परिस्थिति या तो वास्तविक हो सकती है या फिर विडियो गेम के माध्यम से भी उत्पन्न की जा सकती है।

No comments:

Post a Comment

RAS Mains Paper 1

Pages