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Saturday, September 15, 2018

भोजन एवं मानव स्वास्थ्य भाग 1 (food and human health part 1)/ Ras mains paper 2

भोजन एवं मानव स्वास्थ्य  (food and human health)



वे सभी पदार्थ जिनसे मानव शरीर की आवश्यकताओं की पूर्ति होती है तथा जिन्हें जीव अपने वातावरण से प्राप्त करता हैं, उन्हें पोषक तत्व माना जाता है।
अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार लेना अत्यधिक आवश्यक होता है।
संतुलित भोजन से शरीर मजबूत बनता है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है।

संतुलित एवं असंतुलित भोजन-

संतुलित भोजन से तात्पर्य उस भोजन से हैं जिसमें शरीर के लिए आवश्यक सभी तत्व अनिवार्य रूप से उचित मात्रा में मौजूद हो। इसके विपरीत यदि किसी भी तत्व की कमी हो तो भोजन असंतुलित तो जाता है।
मानव शरीर के लिए आवश्यक तत्वों में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, प्रोटीन, खनिज लवण, जल तथा वसा सम्मिलित हैं।
ये सभी पोषक तत्व अलग-अलग कार्यों को संपादित करते हैं। शरीर में इनमें से किसी भी एक तत्व की कमी होने पर उससे संबंधित क्रियाविधि रुक जाती है तथा व्यक्ति संबंधित रोग का शिकार हो जाता है।


कुपोषण-

लंबे समय तक किसी व्यक्ति के भोजन में यदि एक या अधिक तत्त्वों की कमी हो तो वह रोग विशेष का शिकार हो जाता है इस स्थिति को कुपोषण कहते हैं। अलग-अलग तत्त्वों के आधार पर कुपोषण के भी अलग अलग प्रकार होते हैं-


विटामिन कुपोषण- 

विटामिन शरीर के लिए अतिसूक्ष्म मात्रा में आवश्यक होते हैैं तथा इनके कार्य के आधार पर अति महत्वपूर्ण होते हैं। शरीर में किसी भी विटामिन की कमी होने पर इसके लक्षण आसानी से दिखाई देने लगते हैं। इन विटामिनों में से विटामिन बी तथा सी जल में घुलनशील होते हैं जबकि अन्य विटामिन वसा में घुलनशील होतेे हैं।

विभिन्न विटामिनों की कमी से होने वाले रोगों को निम्नलिखित तालिका से समझा सकता है-


 प्रोटीन कुपोषण (protein malnutrition)-

भारत जैसे देशों में गरीबी की वजह से कई लोग अपने भोजन में प्रोटीन को उचित मात्रा में सम्मिलित नहीं कर पाते एवं कुपोषण के शिकार हो जाते हैं। प्रोटीन की कमी से निम्नलिखित रोग हो सकते हैं-

क्वाशिओरकर- छोटे बच्चों में होने वाला रोग है जिसमें बच्चों का पेट फूल जाता है, उसे भूख कम लगती है स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है, त्वचा काली व शुष्क हो जाती है तथा धीरे-धीरे फटने लगती है।
मरास्मस- यदि शरीर में प्रोटीन के साथ-साथ ऊर्जा भी पर्याप्त मात्रा में ना मिल पाए तब उस स्थिति में शरीर सुख कर दुर्बल हो जाता है, आंखें अंदर धंस जाती है। ऐसे बालक मरास्मस रोग से ग्रसित हो जाते हैं।



खनिज कुपोषण ( mineral malnutrition)-

प्रकृति में उपलब्ध कहीं खनिज हमारे शरीर के निर्माण के लिए अति महत्वपूर्ण होते हैं। विभिन्न अंगों में इन खनिजों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। 
हमारे रक्त में उपस्थित हीमोग्लोबिन में लौह तत्व पाया जाता है। यदि इसकी कमी हो जाए तो रक्त हीनता की वजह से शरीर पीला पड़ जाता है। इसी प्रकार हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम अति आवश्यक है। 
आयोडीन तत्व थायराइड ग्रंथि की क्रिया को प्रभावित करता है। विभिन्न खनिज तत्व तथा उनके कार्यों को निम्नलिखित सारणी से समझा जा सकता है-


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