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Thursday, June 21, 2018

राजस्थान आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 भाग 12/economic review of rajasthan part 12


राजस्थान आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 भाग 12//economic review of rajasthan part 12

आधारभूत ढांचागत विकास

ऊर्जा उत्पादन

राज्य में ऊर्जा उत्पादन के प्रमुख स्त्रोत निम्नलिखित है -

कोटा व सूरतगढ़ तापीय संयत्र
धौलपुर गैस तापीय संयंत्र
माही पनबिजली परियोजना
भाखड़ा, व्यास, चम्बल तथा सतपूडा जैसी अन्तर्राज्यीय परियोजनाए
रावतभाटा परमाणु ऊर्जा संयंत्र
सिंगरौली, रिहन्द, दादरी, अन्ता, ओरैया गैस संयंत्र
ऊँचाहार तापीय योजना

अधिष्ठापित क्षमता -

मार्च 2017           -18677.18 मेगावाट
दिसम्बर 2017      -19536.77 मेगावाट



सौर उर्जा -

राजस्थान रिन्यूबल एनर्जी निगम लि. गैर परम्परागत ऊर्जा के उत्पादन दक्षता तथा संरक्षण के लिए केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय की एक नोडल एजेंसी है।

राजस्थान सरकार द्वारा "राजस्थान राज्य सौर ऊर्जा नीति 2014" की घोषणा 8 अक्टूबर 2014 को की गई है।

राजस्थान में अधिकतम सौर विकिरण तीव्रता एक दिन में लगभग 6 से 7 घंटे तथा कम वर्षा के कारण अधिकतम सौर दिवसों की उपलब्धता (325 दिन) के कारण यह सौर ऊर्जा में समृद्ध राज्य है।

एक अनुमान के अनुसार राजस्थान में सौर ऊर्जा के स्रोतों से 142 गीगावॉट ऊर्जा उत्पादन की क्षमता है।

अपनी नई नीति में सरकार ने 25 गीगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

राज्य में दिसंबर 2017 तक 2258.50 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हो चुके हैं।

राज्य में सोलर पार्कों के विकास हेतु 3 संयुक्त उपक्रम कंपनियों का गठन किया जा चुका है-

मैसर्स सौर्य ऊर्जा कंपनी ऑफ़ राजस्थान लिमिटेड
मैसर्स अढा़नी रिन्यूएबल एनर्जी पार्क राजस्थान लिमिटेड।
मैसर्स एसेल सौर्य ऊर्जा कंपनी ऑफ़ राजस्थान लिमिटेड।

भारत सरकार ने सोलर पार्क एवं अल्ट्रा मेगा सोलर प्रोजेक्ट के तहत राज्य में 6 सोलर पार्को की स्थापना को मंजूरी दी है-

भड़ला सोलर पार्क फेस द्वितीय 680 मेगावाट (राजस्थान सोलर पार्क डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड)

भड़ला सोलर पार्क फेस तृतीय 1000 मेगावाट (मैसर्स सौर्य ऊर्जा कंपनी ऑफ़ राजस्थान लिमिटेड)

भड़ला सोलर पार्क फेस चतुर्थ 500 मेगावाट (मैसर्स अडाणी रिन्यूएबल एनर्जी पार्क राजस्थान लिमिटेड)

फलोदी पोखरण सोलर पार्क 750 मेगा वाट (मैसर्स एसेल सौर्य ऊर्जा कंपनी ऑफ़ राजस्थान लिमिटेड)

फतेहगढ़ फेज-1 बी सोलर पार्क 1500 मेगावाट (मैसर्स अडाणी रिन्यूएबल एनर्जी पार्क राजस्थान लिमिटेड)

नोखा सोलर पार्क 1000 मेगावाट (राजस्थान सोलर पार्क डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड)

सोलर रूफटॉप पावर जनरेशन स्कीम-

छतों पर सौर पैनलों को लगाकर सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए राजस्थान राज्य विद्युत विनियामक आयोग द्वारा 26 फरवरी 2015 को नेट मीटरिंग रेगुलेशन जारी कर दिए गए हैं। 

इसके अंतर्गत सोलर फोटोवोल्टिक ग्रिड को ऊर्जा संयंत्र से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। 

जनवरी 2016 में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा 25 मेगावाट PV क्षमता के रूफटॉप प्रोजेक्ट के लिए राजस्थान में स्वीकृति प्रदान की गई है जिसमें घरेलू संस्थागत व सामाजिक भवनों के लिए 30% सहायता केंद्र द्वारा देय होगी। 

योजना के अंतर्गत 11 मेगावाट के संयंत्र स्थापित हो चुके हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा विद्युतीकरण-

राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम ने इस हेतु ऑफ ग्रिड सोलर फोटोवोल्टिक होम लाइटिंग सिस्टम नामक कार्यक्रम शुरू किया है। इसके अंतर्गत अविद्युतीकृत घोषित किए गए 60483 घरों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है।

योजना में लाभार्थी को घरेलू लाइटिंग उपकरणों की स्थापना हेतु 75% अनुदान रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कारपोरेशन द्वारा तथा 20% राज्य सरकार द्वारा अर्थात कुल 95% अनुदान दिया जा रहा है।

कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 40290 घरों में लाइटिंग स्थापना का कार्य किया जा चुका है।

पवन ऊर्जा-

राज्य की पवन ऊर्जा के लिए कुल अनुमानित क्षमता 100 मीटर की ऊंचाई पर 18770 मेगा वाट है।

दिसंबर 2017 तक राज्य में पवन ऊर्जा के लिए 4292.5 मेगा वाट क्षमता स्थापित की जा चुकी है।्

जैविक ऊर्जा बायोमास

राजस्थान में जैविक ऊर्जा के लिए कच्चे माल का प्रमुख स्त्रोत सरसों की तूड़ी तथा जूलीफ्लोरा है।

दिसंबर 2017 तक राज्य में 120.45  मेगावाट क्षमता के 13 संयंत्र स्थापित हो चुके हैं।

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