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Monday, May 7, 2018

आर्थिक सर्वेक्षण : राजस्थान एक परिदृश्य भाग-2/economic review Rajasthan 2017-18 part 2


राजस्थान का थोक एवं उपभोक्ता मूल्य सूचकांक

थोक मूल्य सूचकांक

आधार वर्ष (1999-2000=100)
वर्ष 2016 के 282.61 से बढ़कर 2017 में 290.55
प्राथमिक वस्तु समूह- 2.61 % कमी।
ईंधन, शक्ति, प्रकाश एवं स्नेहक उपसमूह-9.26% वृद्धि।
विनिर्मित उत्पाद समूह-  4.04% वृद्धि।
राष्ट्रीय स्तर पर रोक मूल्य सूचकांक का आधार वर्ष 2011-12=100 है।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-

सामान्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का आधार वर्ष 2001=100 है।
राजस्थान में इसके आंकड़ों का संग्रहण जयपुर, अजमेर तथा भीलवाड़ा केंद्र से होता है।

बैंकिंग तथा वित्त 

राज में सितंबर 2017 तक कुल 6957 बैंकिंग शाखाएं स्थापित की जांच चुकी है।
राष्ट्रीयकृत बैंक      4340
छेत्री ग्रामीण बैंक   1498
निजी क्षेत्र के बैंक  1081
लघु वित्तीय बैंक        32
विदेशी बैंक                6

उद्योग क्षेत्र

राज्य में उद्योग विभाग के अधीन वर्तमान में 36 उद्योग केंद्र तथा 8 उपकेंद्र है।

ऊर्जा

राज्य में वर्तमान स्थापित क्षमता 19536.77 मेगावाट है।
इसमें से नवीकरणीय उर्जा का योगदान निम्न प्रकार है-
सौर उर्जा-2258.50 मेगावाट, पवन ऊर्जा 4292.50 मेगावाट, बायोमास ऊर्जा 120.42 मेगावाट (13 संयंत्र)।
पवन उर्जा की अनुमान क्षमता 18770 मेगावाट है।

सड़क एवं परिवहन

राज्य में 31 मार्च 2017 तक सड़को की कुल लंबाई 2,26,853.86 किमी है।
राज्य में सड़कों का घनत्व 66.29 किलोमीटर प्रति 100 वर्ग किमी है।

शहरी आधारभूत ढांचा

राज्य की 191 नगर पालिका शहरों/कस्बों में से 184 नगर पालिका शहरों/कस्बों के मास्टर प्लान राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित किए जा चुके हैं।
स्ट्रीट लाइट के क्षेत्र में ऊर्जा की बचत के लिए एनर्जी सेविंग प्रोजेक्ट शुरु किया गया है। दिसंबर 2017 तक 8.78 लाख लाइटें लगाई जा चुकी है और राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है।

तेल एवं प्राकृतिक गैस-

16 जनवरी 2018 को प्रधानमंत्री द्वारा पचपदरा में रिफाइनरी का शिलान्यास किया गया।
इसकी क्षमता 9 मिलियन टन वार्षिक होगी। यह देश की पहली योजना है जिसमें रिफाइनरी के साथ पेट्रो केमिकल complex भी होगा। यह देश की पहली BS-6 मानक वाली रिफाइनरी होगी।
इसमें HPCL का अंश 74 प्रतिशत तथा राज्य का अंश 26 प्रतिशत है।
वर्तमान में राज्य में तेल एवं गैस खनन का कार्य केयर्न एनर्जी लिमिटेड, फोकस एनर्जी लिमिटेड, ऑयल इंडिया लिमिटेड तथा ONGC लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
मंगला, सरस्वती, भाग्यम, ऐश्वर्या,कामेश्वरी, रागेश्वरी आदि क्षेत्रों से 165000 बैरल कच्चे तेल का उत्पादन किया जा रहा है।

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