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Saturday, November 4, 2017

संचार के संजाल (Networks of communication)


संचार अथवा सम्प्रेषण के औपचारिक तथा अनौपचारिक दो तरह के नेटवर्क होते है

औपचारिक संचार नेटवर्क -

फिलिप लुई  ने औपचारिक सम्बन्धो पर आधारित निम्न चार प्रकार के नेटवर्क बताये है -

शृंखला प्रणाली (Chain Network)-
 
यह प्रणाली आदेश की एकता के सिद्धांत पर कार्य करती है जिसमे संचार उच्चस्थ से शुरू होकर पदानुक्रम में आगे की और अग्रसित होता है तथा अधीनस्थ तक पहुँचता है। इसी तरह विपरीत दिशा में भी संचार होता है। सेना में इसी तरह का संचार पाया जाता है। 

वृताकार संचार प्रणाली (Circle Network)-

नेटवर्क में स्थित प्रत्येक कार्मिक अधिकतम दो ही लोगो( आगे व पीछे स्थित)  से संचार स्थापित कर सकता है। अन्य किसी भी प्रकार के संचार की अनुमति नहीं होती है। 

पहिया प्रणाली (Wheel Network)-

इस तरह के संचार में केंद्र बिंदु पर स्थित मुखिया अथवा नेता अन्य सभी के साथ संचार करता है। अन्य सदस्यों को आपस में संचार की अनुमति नहीं होती है। 
 
सर्वदिशीय अथवा तारा प्रणाली (All channel or Star Network)-

संचार की इस प्रणाली में एक व्यक्ति संगठन में उपस्थित  सभी लोगो से संचार कर सकता है।  यह वर्तमान में सर्वाधिक लोकप्रिय व उदार प्रणाली मानी  जाती है। 

 अनौपचारिक संचार नेटवर्क -

अनौपचारिक अथवा ग्रेपवाइन संचार के निम्न प्रकार कीथ डेविस द्वारा बताए गए है -
 
गपशप प्रणाली (Gossip Network)-
 
गपशप प्रणाली में स्वतंत्र रूप रूप से संचार होता है तथा सूचनाकर्ता प्रत्येक मिलने वाले को सूचना प्रसारित कर देता है। इससे सुचना का प्रसारण वृहद स्तर  पर हो जाता है। 
 
गुच्छा नेटवर्क (Cluster Network)-
 
इस तरह के संचार में केवल विश्वसनीय लोगो के बीच ही सुचना का संचार होता है।  अन्य कार्मिको तक सूचना का प्रसारण निषेध होता है। कीथ डेविस इसे सर्वाधिक लोकप्रिय मानते है। 

सम्भाव्य प्रणाली (Probability Network) -

यह प्रणाली प्रायिकता के सिद्धांत पर कार्य करती है जिसमे सूचना का प्रसारण बेतरतीब ढंग से बिना किसी उचित तरीके से होता है। 
 

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