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Monday, January 30, 2017

हिंदी व्याकरण - समास-2 (RAS MAINS PAPER 4 )

4. बहुब्रीहि समास- दोनों ही पदों की प्रधानता नहीं रहती है अपितु अन्य अर्थ की प्रधानता होती है1 विग्रह रूपी शब्दो में वाला है , जो, जिसका, जिसकी, आदि का प्रयोग होता है 1

उदहारण-
पीताम्बर = पीत अम्बर है जिसके वह (विष्णु)
गजानन  = गज का आनन है जिसका वह (गणेश)
सुग्रीव    = सुन्दर है ग्रीवा जिसकी वह 
चक्रपाणि = चक्र है पाणी में जिसके वह 

5. द्विगु समास- इस समास में पहला पद संख्यावाची होता है 1 
दोनों पद मिलकर किसी समुह का बोध करते है1 

उदाहरण-
सप्ताह = सात दिनों का समूह 
पंचामृत = पांच अमृतो का समाहार 
त्रिभुज  = तीन भुजाओ का समाहार 
नवरत्न = नो रत्नों का समाहार 

6. कर्मधारय समास-इसमें पहला पद विशेषण होता है एवम दूसरा पद विशेष्य होता है 1 दोनों पदों के मध्य उपमान उपमेय का सम्बन्ध होता है1 

उदहारण-
महापुरुष = महान है जो पुरुष 
कुपुत्र      = कुत्सित है जो पुत्र 
घनश्याम  = घन जैसा श्याम 
क्रोधग्नि  =  क्रोध रूपी अग्नि 

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RAS Mains Paper 1

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